साहेब का फरमान

फरमान जारी हुआ है, साहेब का संदेशा आया है
अभी की बात नही है , सालों से चलता आया है

कोशिश तो तब गोरों ने भी की ही थी ना साहेब,
ज़ोर तुम भी लगा लो, आज  वर्गीकरण भी करा लो,
पर सरजमीं ए हिंदुस्तान पे रंग विशेष नही,
यही तिरंगा  लहराया है! .
.
भाई चारा नैसर्गिक है हम में ,
ये ईष्या कही औऱ की है
सोचते गर मसल दोगे साहेब दीमक की तरह,
वो कहानी अब किसी अलग दौर की है,
लहू में ये एक जुनून हैं, आइंन पे जो आज मंडराता साया है,
कागज़ के टुकड़ों पे हिंदुस्तान भला कहाँ कभी समा पाया है! .
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सरकारी गलियारों से खबर चली है, कोई सियासी चाणक्य सा आया है,
खजाना पूरा अस्त व्यस्त है, राग जुमला वो लाया है
अर्रे कह दो इन हुक्मरानों को , बहरे इन कानो को,
आज साहेब से लड़ने का बीड़ा हर एक युवा ने उठाया है, .
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फरमान जारी हुआ है, साहेब का संदेशा आया है
अभी की बात नही है , सालों से चलता आया है

अनुभव मिश्रा 'ताबीर' 🇮🇳
22/12/19

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