छलकते मोती !
आँखों से छलकते मोती , आज गहरे और हो गए
रही ना ख़ुशी ना वो खुशनुमा पल..
दिल के ज़ख्म बस साथ हमारे रह गए। ......!
हुआ कुछ ऐसा की ना हो बयां
आज रह गयी मेरी मंज़िल अधूरी वहाँ
जाने क्यों गयी ज़िन्दगी कुछ ऐसे
मेरे सारे अरमान बस धरे के धरे रह गए....
तू होती मेरे साथ , तो मैं आज न ना रोता
तेरे मुझपे किये विश्वास को कभी ज़ाया न होने देता
तेरे जाने से यूँ तनहा हम रह गए ,
ए ज़िन्दगी तू तो आगे बढ़ के चल दी ,
हम तो आज भी वही तनहा रह गए !!
तनहा रह गए.....
और आँखों से छलकते मोती गहरे आज हो गए !!
- अनुभव कुमार मिश्र
25/1 /2014
You're amazing!! Too good :D
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
DeleteThank you :)
DeleteNice👍👍👍👌👌
ReplyDeleteSuper
ReplyDeleteSuper
ReplyDeleteAmazing <3
ReplyDelete