ख्वाब
एक ख्वाब का पीछा करना था ,
एक जुनून की कहानी थी,
सिरहाने उम्मीदों का सागर ,
हर रात बड़ी गुमानी थी |
नज़रो के सैलाब में जो सो गया
ये हलचल बड़ी तूफानी थी
ये नज़र अब ख्वाब जो बन गए
हर रात बड़ी रूमानी थी
ये जो निशा में इनका मिलान हुआ
इस गठजोड़ को नज़ीर बन जानी थी
पर तूफ़ान लाता तबाही
ये ना फिर कोई अलग कहानी थी
वो जो नज़र का धोका होता है
इन ख्वाबो ने पहचानी थी
अब ना वो जुनून था , ना उम्मीद , ना वो नज़र
और अब ना ही वो ख्वाब गुमानी थी
एक ख्वाब का पीछा करना था
अनुभव कुमार मिश्र
'ताबीर'
20/04/2017
एक जुनून की कहानी थी,
सिरहाने उम्मीदों का सागर ,
हर रात बड़ी गुमानी थी |
नज़रो के सैलाब में जो सो गया
ये हलचल बड़ी तूफानी थी
ये नज़र अब ख्वाब जो बन गए
हर रात बड़ी रूमानी थी
ये जो निशा में इनका मिलान हुआ
इस गठजोड़ को नज़ीर बन जानी थी
पर तूफ़ान लाता तबाही
ये ना फिर कोई अलग कहानी थी
वो जो नज़र का धोका होता है
इन ख्वाबो ने पहचानी थी
अब ना वो जुनून था , ना उम्मीद , ना वो नज़र
और अब ना ही वो ख्वाब गुमानी थी
एक ख्वाब का पीछा करना था
अनुभव कुमार मिश्र
'ताबीर'
20/04/2017

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